आपकी सबसे बडी काबिलियत
( your core competencies )
जब हम अपने लाइफ को डिफाइन करते है तो पाते है कि ये हमारे रोज़मर्रा के काम का एक कलेक्शन है. इनमें से कुछ काम बहुत ही ज़रूरी है जैसे कि सांस लेना, और कुछ काम ऑप्शनल है जैसे की एक हॉबी, या शौक. हम जो भी काम चुनते है, वो हमारी जिम्मेदारी होती है और हम कैसे अपने दिन के हरेक मिनट को बिताते है उस पर हमारा ध्यान रहना चाहिए.
आपकी सबसे बड़ी काबिलियत वो काम है जिसे आप औरों के मुकाबले सबसे बेहतर कर सकते है. अगर आपको अपनी वो बड़ी काबिलियत मिल जाए, तो आपको इन्हीं कामों में अपना फोकस रखना चाहिए और बाकी कामों को छोड़ देना चाहिए.
आप एक आसान एक्टिविटी करके अपनी सबसे बड़ी काबिलियत को खोज सकते है. अपने 1000 सपनों को लिखकर एक लिस्ट बनाइये और उसमें से वो काम करना शुरू कीजिए जिसमे टाइम और पैसे खर्च नहीं होते. आप नोटिस करेंगे कि उन कामों में कुछ तो ऐसे है जिनसे आपको प्यार है, कुछ जिनमें आप बहुत अच्छे है और कुछ तो ऐसे है जिनसे आपको लगता है कि प्यार है पर असल में करने में मज़ा नहीं आता.
आइये, जैकी जैकी कैमबोर्ड का एग्जामपल लेते है. उनके लिस्ट में अपना वेट घटाने का सपना लिखा था. जब उन्होंने स्मोकिंग करना छोड़ा तो उनका वेट फिर से बढ़ने लगा और ये बात उनके कंट्रोल से निकल गई.
वे शादी करने वाली थी और अपने वेडिंग ड्रेस को पहनकर सुन्दर दिखना चाहती थी. इसलिए जैकी ने जिम जाने का फैसला किया. सबसे पहले जो टेस्ट था वो था जैकी का अपने फिटनेस क्लास में सबके सामने वेट नापना. वहाँ के इंस्ट्रक्टर ने जैकी से कहा कि उन्हें क्लास ज्वाइन करने से पहले अपना वेट कम करना होगा.
ये एक बुरा एक्सपीरियंस तो था पर इससे वो पीछे नहीं हटी. जैकी ने जिम जाना शुरू किया और वहाँ तब तक रोज़ कार्डिओ एक्सरसाइज किया जब तक उनका वेट फिटनेस क्लास ज्वाइन करने लायक नहीं हुआ.
जैकी को आगे बढ़ने में न सिर्फ उनके मज़बूत इरादे ने बल्कि इस बात ने भी मदद की कि उसे वर्क -आउट करना और लोगों के साथ रहना कितना पसंद था. उसे वहाँ का माहौल पसंद था. जैकी ने अपने इंस्ट्रक्टर को भी बदल लिया और ऐसा इंस्ट्रक्टर रखा जो ज़्यादा अच्छा था. जल्दी ऐसा इस्ट्रक्टर रखा जा ज़्यादा अच्छा था. जल्दा ही उन्होंने अपना 40 पाउंड वेट घटा लिया और उनको ख़ुद के जिम क्लास को सीखाने का सर्टिफिकेट भी मिल गया.
जब उन्होंने अपने क्लास को सीखाना शुरू किया तो पाया कि वे लोगों को वर्क-आउट करवाने में बहुत अच्छी थी. क्योकि वे खुद भी कभी ज़्यादा वेट की थी इसलिए वे उन लोगों को बेहतर समझती थी जो उस साइज के थे जो कभी उनका भी साइज होता था.
जल्दी ही, जैकी ने डांस - कोरियोग्राफी की कोशिश की और ये भी उसे बहुत पसंद आया. अब जैकी ने अपने बड़ी काबिलियतों के बारे में जाना और अब वे आगे बढ़कर अपना खुद का जिम खोलने का सपना पूरा कर सकती थी. कुछ सालों बाद, जैकी ने अपना सपना पूरा किया. वो था एक छोटा सा जिम जिसमें एक ही क्लास होता था पर जैकी बहुत ही अच्छा कर रही थी. जैकी अब खुद को पूरा महसूस करती थी. उनके ओवरवेट होने के बैकग्राउंड ने उनको सब साइज के लोगों से डील करने में मदद की और जल्दी ही वो अपने इन बड़ी काबिलियतों के कारण मशहूर हो गई.
अब जैकी के पास 6 टीचर वाला अपना एक जिम है और उनका एक डीवीडी भी रिलीज़ हुआ जिसका टाइटल था- रियल वर्ल्ड योगा: रियल पीपल विथ रियल बॉडीज "" (Real World Yoga: Real People With Real Bodies ) ".
आप भी जैकी जैसा बन सकते है और वो काम करके फेमस हो सकते है जिस काम से आपको बहुत प्यार है. बस आप वैसा काम ढूंढिए जिसमें आप बेस्ट है, और बाकी की बातें को आगे के चैप्टर्स में एक्सप्लेन किया जाएगा.
सबसे सही जॉब (The Right Job) बहुत सारे लोग ऐसी कंपनियों में काम करते हुए अपनी पूरी ज़िन्दगी लगा देते है जो उन्हें पसंद ह नहीं है और ऐसा काम करते है जिसे वो नफरत करते है. सही जॉब चुनना उतना ही ज़रूरी है जितना अपना हस्बैंड या वाइफ चुनना. अगर आप वो काम नहीं करते जिससे आपको प्यार है या ऐसा काम करते हैं जो आपको पसंद नहीं है तो आप थके- हारे ही घर लौटेंगे. सही जॉब के लिए काम करने से आप ज़्यादा खुश, मोटिवेटेड और ज़्यादा क्रिएटिव होंगे. सही जॉब वही है जो आपको फ्रीडम ऑफ़ चॉइस देता है, आपको चैलेंज करता है, अच्छा टीम वर्क और सपोर्ट देता है. आपको अपना जॉब छोड़ना नहीं है, बस अभी के जॉब में बदलाव लाना है ताकि आपके पास अपना कुछ शुरू कर करने के लिए पैसे जमा हो सके.
सही जॉब चुनने के लिए, अपने 1000 सपनों की लिस्ट को चेक करें. इसमें से आप उन कामों को चुनिए जो आपका ध्यान खींचता है, चैलेंज करता है और आपको खुश करता है. अब आप सोचिये कि इन सबको एक साथ कैसे अपने अभी के जॉब में शामिल कर सकते है.
इलन क्रू, एक बहुत बड़े एग्जाम्पल है जिन्होंने अपने ड्रीम जॉब को सच्चाई में बदला. वे एक गांव में बड़े हुए थे और बचपन से ही मशीन उड़ाने का सपना देखते थे. एक वक़्त था जब इलन ने बांस के डंडों और डक्ट टेप से हैंग ग्लाइडर (बिना इंजन का हवाई जहाज़) बनाया था. वो अपने इस क्रिएशन से बहुत ही खुश थे और अपने दोस्तों के साथ मिलकर उन्होंने इसे टेस्ट करने की कोशिश की. वे पहाड़ी से नीचे गिरने लगे और उन्हें इस बात से तस्सली हुई कि ग्लाइडर क्रैश होने से पहले वो जमीन से कुछ फीट दूर उतरने में कामयाब हो गए थे. इलन क्रैश में बच गए और हाई स्कूल में उन्होंने कुछ और नई चीज़ बनाने की कोशिश की.
अपने प्रोफेसर की मदद से उन्होंने विंड- टनल का एक बेहतर मॉडल तैयार करने की कोशिश की. Aerodynamics कैसे काम करता है, उसे बेहतर तरीके से समझना उनका गोल था. उन्होंने विंड- टनल के सपोर्ट सिस्टम को मैगनेट से बदलने की कोशिश की. इलन का मानना था कि ये तरीका मॉडल को बेहतर बनाएगा क्योकि मैगनेट हवा के बहाव में कोई दखल नहीं देता है. इस क्रिएशन के लिए उन्हें इनाम दिया गया, जिससे उन्हें और भी आगे बढ़ने का बढ़ावा मिला. इलन ने aeronautics में पीएचडी की और बहुत सारे आविष्कार किए.
उनका एक फेमस आविष्कार है SWIFT जो कि एक ऐसा प्लेन है जिसे उड़ने के लिए इंजन नहीं चाहिए. SWIFT को पैरों से लॉन्च किया जाने वाला sail plane भी कहा जाता है. ये कोई भी आवाज़ नहीं करता और चिड़ियों की उड़ान की नक़ल करता है.
इलन को बचपन से ही अपने बड़ी काबिलियत के बारे में पता था. क्या आपको लगता है कि वो इतने कामयाब होते अगर वे एक खेत में काम करते जिसके लिए उनमें कोई जोश नहीं था. बिलकुल नहीं.
बचपन से टीनएज और बड़े होने तक, इलन उड़ान भरने के सपनों के लिए प्रैक्टिस और काम करते रहे. इसलिए वे कामयाब हुए. लोग कहते है कि लम्बी शादी-शुदा ज़िन्दगी के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है. यही बात अपने पैशन को पूरा करने में भी लागू होती है.
168 HOURS - More Time Than You Think Laura Vanderkam
अपना कैलेंडर कंट्रोल करना
(Controlling Your Calendar) ज़्यादातर लोग अपने ऑफिस के रोज़ाना के काम में डूब जाते है. उनको ये एहसास ही नहीं कि इनमें से ज़्यादातर काम ज़रूरी नहीं है. आप बिजी है इसका मतलब यह नहीं है कि आप productive है.
अपने हर हफ्ते के 168 घंटों को बेहतरीन बनाने के लिए, आपको उन कामों को करना छोड़ देना चाहिए जो आपके जॉब या फिर आपकी ज़िन्दगी में कोई वैल्यू नहीं जोड़ता है. ये काम बस टाइम की बर्बादी है. आपको इनके बजाए अपनी काबिलियत के कामों को करना चाहिए. जब आप अपने कैलेंडर को साफ़ करेंगे तो आपको उन चीज़ों में फोकस कर पाएंगे जिस पर काम करने से आपकी लाइफ में गहरा असर होगा. आइये, जॉन एनर के बारे में जानते है जिन्होंने अपनी काबिलियत से करोड़ों लोगों की जिंदगी बदल दी. जॉन, द इंडिपेंडेंट प्रेस एसोसिएशन के फाउंडर the
6 साल बाद, उन्होंने अपने आर्गेनाईजेशन को
एक छोटे बिज़नेस से एक बड़ी कंपनी में बदल
दिया जो कई सौ मैगजीनों को बिजनेस सर्विस देती थी. फिर वे विएतनाम के "ईस्ट मीट्स वेस्ट फाउंडेशन" नाम के दूसरे आर्गेनाईजेशन में चले गए. एक लीडर के तौर पर उन्होंने उन तीन बड़ी काबिलियत में अपना फोकस रखने की कोशिश की जिससे देश को फायदा हो सके, ये थे मेडिकल ट्रीटमेंट, साफ़ पानी और एजुकेशन. जॉन और उनके टीम ने पाया कि विएतनाम में पैदा होने वाले 30% बच्चे जो टाइम से पहले पैदा हो जाते है, वे अपने जनम के फ़ौरन बाद ही मर जाते है. इसलिए उन्होंने बेबी एयर मशीन बनाया जिससे इन बच्चों को बचाया जा सके. इस प्रोजेक्ट के शुरू करने के एक साल बाद के स्टडी ने दिखाया कि इन बच्चों के डेथ - रेट में 10% की गिरावट आई थी जो बहुत ही चमत्कारी सुधार था.
कुछ लोग कह सकते है कि जॉन लकी नथे पर उनकी कामयाबी का कारण अपनी टीम को अलग तरीके से चलाना था. जब उन्हें उनकी कामयाबी का राज़ पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जिंदगी बदल देने वाली जिस प्रिंसिपल को उन्होंने अपने कंपनी में लागू किया था, वो था अपने सारे एम्प्लोयी को असरदार मीटिंग कैसे करते हैं वो सिखाना.
जॉन ने नोटिस किया कि कंपनी के मीटिंग ज़्यादातर टाइम की बर्बादी होती है और उन्होंने एक एजेंडा बनाया जिसे सारे लोगों ने शेयर किया. इस एजेंडा में साफ़-साफ़ छोटे मीटिंग के टाइम टेबल बने थे जहां वही एम्प्लोयी भाग ले सकते थे जो सीधे उस काम से जुड़े हुए थे. बाकी सबको कॉन्फ्रेंस में बुलाना बेकार था. कंपनी मीटिंग के टाइम में सुधार लाने की वजह से अब एम्प्लोयीस के पास अपने काम में लगाने के में लिए ज़्यादा टाइम बच गया था बजाय इसके की वे एक ही प्रेसेंटेशन्स को बार- बार सुनते. जॉन जानते थे कि अपने कैलेंडर से उन कामों को कैसे साफ़ करना है जिनसे उनकी कंपनी को कोई प्रोडक्टिव वैल्यू नहीं मिल रही थी, इसके रिजल्ट में उन्हें और उनके फाउंडेशन को एक्स्ट्राऑर्डिनरी सफलता मिली.
168 HOURS - More Time Than You Think
Laura Vanderkam
एक बड़ी उपलब्धि की एनाटोमी
(Anatomy Of A Breakthrough) अब जब आप conscious हो गए हैं कि अपने दिन के हर मिनट को कैसे बिता रहे हैं और आपने अपने कैलेंडर को साफ कर लिया है, तो अब आप कुछ ऐसा करने पर फोकस कर सकते हैं जो दुनिया को बदल सकता है.
सिर्फ अपनी काबिलियत को जानना और उस पर काम करना ही काफी नहीं है. आपको और भी ऊँचा aim रखना होगा. आपको बड़ी अचीवमेंट के लिए aim करना चाहिए. ऐसा आप तभी कर पाएंगे जब आपकी नज़र अपने अगले बड़े मौके पर रहेगी, जब आप उसे सही तरीके से पूरा करने के लिए काम करेंगे, opportunity के लिए तैयार रहेंगे और फिर सफलता की सीडी चढ़ेंगे. लिया इंग्राम एक ब्लॉगर थी. वो शादियों के बारे में लिखती थी पर उन्हें उस काम से नफरत था. वो इस टॉपिक के बारे में लिखकर इतना परेशान हो गई थी और कसम खा ली थी कि अगर फिर से उन्हें शादी का ब्लॉग लिखना पड़ा तो वे अपना सर दिवार पर दे मारेंगी. उनका बचपन एक ऐसे परिवार में गुज़रा था जो कम खर्चीला था. उसके बावजूद, चालीस की उम्र तक पहुंचते पहुंचते, लिया बहुत क़र्ज़ में डूब गई थी. इसलिए उन्होंने डिसाइड किया कि वे अब कम-बजट वाली लाइफ को अपना नया स्किल बनाएगी. वो उस सब्जेक्ट पर एक्सपर्ट बनकर ब्लॉग लिखना चाहती थी इसलिए जहां से मिले वहाँ से कुछ नया सीखने की उसने ठान ली थी. लिया ने हफ्ते के पांच दिनों को नए ब्लॉग लिखने में लगाए. उन्होंने यह सवाल नहीं किया कि क्या यह काम करेगा या नहीं, लेकिन सिर्फ अपने दिल की सुनी और काम करती रही .
उनको ये पता नहीं था कि इस टॉपिक पर उनके ब्लॉग से पैसे आएंगे की नहीं पर उन्हें भरोसा था कि वो इसे एक दिन किताब बना सकती है. एक दिन लिया एक एजेंट से मिली. उसने लिया से वादा किया कि ये किताब ज़रूर बिकेगी. लेकिन उस एजेंट ने कई पब्लिशरों से मुलाकात की तो सबने कहा कि ऐसा टॉपिक तो आजकल मार्केट में नहीं बिकता.
उनकी बात किसी पब्लिशर ने नहीं सुनी पर लिया को खुद पर बहुत भरोसा था. उन्होंने हफ्ते के पांच दिन ब्लॉग्गिंग करना जारी रखा और एक साल बाद लोगों ने उनपर ध्यान देना शुरू किया. इकॉनमी नीचे चली गयी थी जिसके कारण लोगों को कम-बजट वाले लाइफस्टाइल को अपनाना पड़ा. कई journalist ने जब इस टॉपिक पर रिसर्च किया तो कुछ को लिया के ब्लॉग मिले. उन्होंने लिया से इंटरव्यू के लिए पूछा. लिया के पास इससे और भी मौक़े आने लगे और उनके ब्लॉग में काफी पैसे बनने लगे. तब लिया को लगा कि उनका ये ब्लॉग कुछ बड़ा लाने वाला hai
उनमें से सबसे बड़ा मौक़ा था जब उनको “द बिज़नेस वीक" के फ्रंट पेज में जगह मिली. उसमें उनकी अपने पति, बच्चे और कुत्ते के साथ फोटो छपी थी और लिखा था " द न्यू ऐज ऑफ़ थ्रिफ्ट " (The New Age of Thrift ) ".
168 HOURS - More Time Than You Think
Laura Vanderkam
नया घर का इकोनॉमिक्स (The New Home Economics)
इस चैप्टर में, हम बात करेंगे कि जब लोग काम नहीं कर रहे होते हैं तो वो घर पर समय कैसे बिताते हैं. होम इकोनॉमिक्स का यही मतलब होता है.
पहले औरतें अपना टाइम सफाई करने और अपने फैमिली के लिए खाना बनाने में लगाती थी. और आजकल,औरतें घर की साफ़ सफाई और घर के कामों के बजाय अपने बच्चों के साथ टाइम बिताना करती करती है.
घर में अपना टाइम मैनेज करने के लिए, आपको अपने हस्बैंड और बच्चों के लिए एक रिवाज़ शुरू करना चाहिए. आपके पास ज़्यादा टाइम न भी हो तो भी कोशिश कीजिये कि अपने 1000 ड्रीम्स के लिस्ट में कुछ ऐसी चीज़ें डालें जिसे आप अपने बच्चों के साथ कर सकते है. एग्जाम्पल के लिए, मान लीजिये आप बेकिंग या पेंटिंग ट्राय करना चाहते है तो आप इन्हें अपने बच्चों के साथ कर सकते है. ये एक पत्थर से दो चिड़ियों को मारने जैसा है. अब आपने अपने लिस्ट में से एक सपना पूरा कर लिया और साथ में अपने बच्चों के साथ क्वालिटी टाइम भी बिताया.
अपने वाइफ या हस्बैंड के साथ अपने रिलेशनशिप को मज़बूत करना भी बहुत ज़रूरी है. अगर आप अपने पार्टनर के साथ पूरा दिन लड़ते रहते हैं तो आप कभी प्रोडक्टिव और भरपूर जिंदगी जीने के लिए मोटिवेटेड महसूस नहीं करेंगे. इसलिए आपको अपने हस्बैंड या वाइफ के लिए एक टाइम सेट करने की ज़रूरत है.
अगर आप अपने बच्चों को किसी के पास छोड़ सकें तो आपको डेट-नाईट या फिर वीकेंड में कोई ट्रिप पर जाना चाहिए. अगर आप ऐसा नहीं कर सकते तो अपने बच्चों के सो जाने के बाद, कुछ घंटों के लिए घर पर ही रोमांटिक सा माहौल बनाकर अपने पार्टनर के साथ टाइम बिताइए. इससे आपको घर के बाहर जाने की ज़रूरत भी नहीं पड़ेगी. आपके घर का आँगन या फिर balcony को ही आप अपने डेट के लिए तैयार कर सकते है.
नए घर की इकोनॉमिक्स को बेहतर समझाने और बताने के लिए कि पहले के मुकाबले अब ये कैसे अलग है, आइये हम दो अलग औरतों की कहानी M सुनते है. एक है पुराने ज़माने की और दूसरी आज की.
मिसेज थेल्मा मेयर 1990 के ज़माने की थी और वो एक परफेक्ट वाइफ की मूर्ति थी. अपने नौ बच्चों के साथ रहते हुए भी किसी तरह अपने घर को साफ़ रखना, फैमिली के लिए रोज़ खाना बनाना और बेकिंग करना, वो ये सब कुछ करती थीं. उनकी ज़िम्मेदारियों में से कुछ थे हफ्ते में 15 बास्केट कपडे धोना, रोज़ बर्तनो के ढ़ेर धोना, पोछा लगाना और सफाई करना.
जब उनके बच्चे कुछ बड़े हुए तो उनके काम में हेल्प करने लगे. पर उनके हेल्प करने के बावजूद,
फिर भी बहुत कुछ करना बाकी रह जाता था. मिसेज मेयर के पास कुछ मज़ेदार करने के लिए कोई टाइम नहीं बचता था. जब उनके बच्चें सोते थे तो वे सिलाई करती या फिर अगले वक़्त का खाना बनाने में लग जाती.
पुराने ज़माने में, औरतें हमेशा अपने बच्चों और घर की देखभाल में ही लगी रहती थी. पर आजकल, औरतें दिन भर काम करती है और फिर घर आकर दूसरे ज़रूरतों को देखती है. ज़माना बदल गया है पर इसका मतलब ये नहीं कि औरतें कम या ज़्यादा बिजी हुई है. माहौल बदल गया है पर काम में लगने वाले घंटों में कोई फ़र्क नहीं पड़ा है.
मौरीन बेडिस एक मॉडर्न माँ है. उनका एक ही बच्चा है और वे एक नॉन- प्रॉफिट आर्गेनाईजेशन में सीनियर डायरेक्टर ऑफ़ विज़न कॉउन्सिल के तौर पर काम करती है. सबसे बड़ी बात ये थी कि उनके हस्बैंड आर्मी में थे जिसके वजह से वो मौरीन को किसी भी काम में हेल्प नहीं कर सकते थे. लेकिन मौरीन ने किसी तरह से सब काम निभाए. वो 5:30 बजे ही सुबह अपने कुत्ते के साथ जॉगिंग करने जाती, फिर उनकी बेटी 6:30 बजे उठती थी तो वे एक साथ ब्रेकफास्ट करते और अपने दिन की तैयारी करने में लग जाते. मौरीन अपनी बेटी को स्कूल छोड़ने के बाद ऑफिस चली जाती थी.
शाम के 5:00 बजे मौरीन अपने बेटी को लेते हुए घर पहुंचकर एक साथ डिनर करती, फिर सब अपने कुत्ते के साथ वॉक के लिए जाते. 7:30 बजे, मौरीन अपनी बेटी को सुला देती और उसके बाद वो आधे घंटे के लिए जितना हो सके साफ़ सफाई कर लेती थी. फिर वो 9:30 बजे तक अपने ऑफिस के काम करती थी. एक वर्किंग माँ के लिए एक परफेक्ट टाइम टेबल है. मौरीन को 8 घंटे सोने के लिए मिल जाता था. हालांकि, वे काफी बिजी है पर फिर भी अपने बच्चें के लिए, एक्सरसाइज के लिए, साफ़-सफाई के लिए और अपने आर्गेनाईजेशन के प्रोजेक्ट्स के लिए टाइम निकाल लेती थी.
कन्क्लूज़न
नए घर के इकोनॉमिक्स में बदलाव के साथ, दुनिया बदल गई है . हमारे रोज़ के काम बढ़ गए है और लगता है कि अपने फैमिली के लिए और मजे करने लिए हमारे पास काफी टाइम नहीं बचता है. डिमांडिंग जॉब और एक से ज़्यादा बच्चें होना हर किसी के लिए प्रॉब्लम नहीं होता. कुछ लोग मैनेज करके काम चला लेते है. ये बुक, उनके जैसे लोगों की स्टडी पर बनी है जिसमें ये बताया गया है कि कैसे कुछ लोग सब कुछ मैनेज कर लेते है और कुछ नहीं कर पाते.
इस बुक में, आपने टाइम लॉग रखना सीखा जिससे आपको एहसास होता रहे कि आप किस तरह से अपना टाइम बिता रहे है. आपने ये भी सीखा कि हर दिन आप जो काम कर रहे हैं उसे जानने से आपको अपने कैलेंडर को साफ करने में मदद मिलती है और आप सिर्फ वही चीजें रख सकते हैं जो आपकी प्रोडक्टिविटी के लिए सबसे ज्यादा मायने रखती हैं.
इसके साथ ही, इस बुक ने आपको खुद को बेहतर समझने में मदद की. आपने जाना कि आपकी अपने लाइफ के सबसे बड़ी काबिलीयत कौन सी है और उन्हें आप कैसे बड़ी कामयाबी में बदल सकते है.
अपने टाइम को ट्रैक करें, अपने कैलेंडर को हल्का करें और अपने फोकस को उन चीज़ों में रखें जो आपके लिए मायने रखते हैं, और फिर आप एक परफेक्ट बैलेंस्ड लाइफ पा सकेंगे.

0 टिप्पणियाँ